‘मैं हिन्दी बोलती थी तो लोग गंवार समझते थे, फिर चमत्कार हुआ और…’

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14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है और इस मौके पर भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली इस भाषा से जुड़ी जानकारियों और तारीफों की मानो बाढ़ सी आ जाती है. वहीं अगर हिन्दी दिवस को छोड़कर बाकी के दिनों पर नज़र डाली जाए तो हिन्दी के सामने अंग्रेजी हमेशा तराजू में भारी पड़ती नज़र आती है. हिन्दी की जय जयकार के बीच इस बात को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता कि खुद इस भाषा को बोलने वाले लोगों के मन में इसे लेकर ‘अपराधबोध’ सा मंडराता रहता है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी हिन्दी का दामन थामे रखने से हिन्दी की छवि को लेकर भारतीयों के मन में थोड़ी उदारता आई है. बावजूद इसके सिर्फ और सिर्फ हिन्दी बोलने वालों को कुछ अटपटे अनुभवों से गुज़रना पड़ता है. हिन्दी दिवस पर ऐसे ही कुछ लोगों ने हमसे अपने अनुभव साझा किए.

Source | hindinews18

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