डीएस कॉलेज में भिड़े एबीवीपी और सपा छात्रसभा के कार्यकर्ता

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डीएस कॉलेज में बुधवार को सपा छात्रसभा के सदस्यता कैंप में छात्रसभा के कार्यकर्ता और एबीवीपी के संगठन मंत्री आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में प्रॉक्टर के सामने जमकर मारपीट हुई। हालांकि, सपा छात्रसभा के कार्यकर्ता तो वापस चले गए। लेकिन इसको लेकर गुस्साए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने सभा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने और प्रॉक्टर को उनको उकसाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। उन्होंने प्रॉक्टर कार्यालय में लाठी-डंडों से तोड़फोड़ करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों से जमकर झड़प हुई।
उधर, एबीवीपी कार्यकर्ता चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर भाजपा के पदाधिकारियों के साथ कॉलेज में ही धरने पर बैठे गए और सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ थाने में तहरीर दी। दूसरी ओर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री व एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष नफीस अहमद ने एबीवीपी और भाजपा नेताओं पर सपा के कॉलेज में लगे सदस्यता शिविर पर जबरन हमला करने और भाजपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। थाने में तहरीर देकर भाजपा नेताओं पर कार्रवाई करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई न हुई तो सपा बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
सपा छात्रसभा की ओर से सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को पार्टी का शिविर डीएस कॉलेज परिसर में चल रहा था। इस दौरान एबीवीपी के संगठन मंत्री ब्रजेश कुमार कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कॉलेज परिसर में लगे सपा छात्रसभा के शिविर का विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। संगठन मंत्री का आरोप है कि उन्होंने चीफ प्रॉक्टर से पार्टी का बैनर लगाए जाने का विरोध जताया था। जिस पर चीफ प्रॉक्टर ने उन छात्रों से बैनर उतरवाने को कहा। लेकिन इसके बाद सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने प्रॉक्टर के सामने ही एबीवीपी कार्यकर्ता के साथ अभद्रता करनी शुरू की और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर भी अभद्र टिप्पणी करने लगे। जिसका विरोध करने पर छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के संगठन मंत्री के साथ मारपीट शुरू कर दी।

प्रॉक्टर ने नहीं की रोकने की कोशिश
आरोप है कि सब कुछ प्रॉक्टर कार्यालय के सामने हुआ, लेकिन चीफ प्रॉक्टर ने रोकने की कोशिश नहीं की। थोड़ी देर हुई इस मारपीट के बाद सपा छात्रसभा के कार्यकर्ता कॉलेज से चले गए। एबीवीपी के संगठन मंत्री ने इसकी सूचना अपने साथियों को दी, जिस पर दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता कॉलेज आ पहुंचे। उन्होंने प्रॉक्टर पर सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं का समर्थन करने का आरोप लगाया और हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर द्वारा पुलिस बुलाए जाने पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा और भी भड़क उठा। उन्होंने पुलिस के सामने ही डंडे लेकर प्रॉक्टर कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ शुरू करने की कोशिश की। साथ ही चीफ प्रॉक्टर पर हमले की कोशिश की। लेकिन पुलिसकर्मियों के रोकने के चलते यह संभव नहीं हो सका।

पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बाहर निकाला
पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बाहर निकालकर प्रॉक्टर कार्यालय को बंद करवा दिया। इसको लेकर छात्रों का गुस्सा और भड़क उठा। खबर मिलते ही भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन, संजय पंडित, अमित गोस्वामी, पुष्पेन्द्र पचौरी समेत बड़ी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ता पहुंच गए और प्रॉक्टर कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान सभी ने प्रॉक्टर द्वारा सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं को एबीवीपी के संगठन मंत्री के साथ मारपीट करने के लिए उकसाने और कॉलेज में गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही प्रॉक्टर को अपने पद से हटाने की मांग की। बाद में कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलसुमन गोयल और प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल कॉलेज आ पहुंचे। उन्होंने भाजपा और एबीवीपी के पदाधिकारियों के साथ प्रॉक्टर के समक्ष बातचीत की।

सपा का शिविर कैसे लगा परिसर में : कुलसुमन
प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलसुमन गोयल ने प्राचार्य और चीफ प्रॉक्टर से सपा छात्र सभा के बैनर लगे शिविर लगाने के लिए जवाब मांगा। इतना ही नहीं मारपीट करने वाले कॉलेज के छात्रों को निष्कासित किए जाने के भी आदेश दिए। जिसके बाद भाजपा के पदाधिकारियों और एबीवीपी के पदाधिकारियों ने गांधी पार्क थाना में पीड़ित ब्रजेश कुमार की ओर से छात्रसभा के रंजीत चौधरी, सज्जन यादव, प्रदीप ठाकुर, भानु प्रताप, विनीत ठाकुर, अर्पित ठाकुर सहित 12 लोगों के खिलाफ तहरीर दी और सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई।

परमीशन लेकर लगाया था कॉलेज परिसर में शिविर
डीएस कॉलेज में सपा छात्रसभा का जो कार्यक्रम चल रहा था, उसकी बाकायदा पहले से ही प्राचार्य से परमीशन ली गई थी। शिविर भी शांतिपूर्वक चल रहा था। लेकिन एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा बेवजह मारपीट की गई। यह सब कुछ भाजपा की अराजकता फैलाने वाली मानसिकता को दर्शाता है। उनके इशारे पर उनके संगठन अराजकता फैला रहे हैं। यह बातें बुधवार को पूर्व दर्जा राज्यमंत्री और एएमयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नफीस अहमद ने पत्रकार वार्ता में कहीं। इस दौरान सपाइयों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ गांधी पार्क थाने में तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। इतना ही नहीं चेतावनी दी कि अगर अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
एएमयू के पूर्व छात्र नेता नफीस अहमद ने कहा कि हर साल युवाओं को जागरूक करने के लिए छात्र सभा जागरुकता अभियान चलाती है। डीएस कॉलेज में सपा ने कार्यक्रम के लिए अनुमति ली थी और कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था। अचानक एबीवीपी के पदाधिकारी आए और हंगामा करने लगे। सपा छात्रसभा के पदाधिकारियों से मारपीट भी की और छात्र जागरुकता अभियान को बंद करा दिया। मौके पर सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, महानगर अध्यक्ष अज्जू इश्हाक, राकेश सिंह, रंजीत चौधरी, दिनेश यादव, मनीष आदि मौजूद रहे।
कॉलेज प्रबंधन को छात्रों ने किया गुमराह
डीएस कॉलेज में सपा छात्रसभा द्वारा लगाए गए शिविर पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलसुमन गोयल ने प्राचार्य और प्रॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हालांकि, प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि छात्र नेताओं द्वारा कॉलेज प्रबंधन को गुमराह किया गया। उन लोगों ने केवल कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं से मिलने की अनुमति मांगी थी।
प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल ने बताया कि मंगलवार को सपा छात्रसभा की ओर से एसवी कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत की। लेकिन जब छात्र नेता डीएस कॉलेज में आए, तो उनसे पहले ही मना किया गया था कि पार्टी का कोई बैनर या पोस्टर नहीं लगाया जाएगा। छात्र नेताओं ने इसके साथ ही यह भी कहा था कि वे केवल कॉलेज के गेट पर ही रहेंगे। लेकिन उन्होंने किस तरह से अंदर इतना सब कुछ किया, इसका पता ही नहीं चल सका। उन्होंने अनुमति के खिलाफ कार्य कर कॉलेज प्रबंधन को गुमराह किया है।
छात्रों को किया जाए निष्कासित
अलीगढ़। कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष कुलसुमन गोयल ने कहा कि प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल को सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और उसमें हंगामा करने वाले कॉलेज के छात्रों को निष्कासित करने के आदेश दिए। हालांकि जिन छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को कहा गया है। प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल ने बताया कि सारे छात्र नेता कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। वर्तमान में वे किसी भी विभाग में शिक्षा ग्रहण नहीं कर रहे हैं।

चार सदस्यीय कमेटी खंगालेगी सीसीटीवी फुटेज
डीएस कॉलेज में बुधवार को सपा छात्रसभा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं में मारपीट को देखते हुए प्राचार्य द्वारा भूगोल विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी 21 सितंबर तक प्राचार्य को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
डीएस कॉलेज में बुधवार को हुए हंगामे के बाद एक ओर एबीवीपी के पदाधिकारी सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने और संगठन मंत्री से मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने और उनके शिविर को बिना वजह खराब करने का आरोप लगाया जा रहा है। इसको देखते हुए प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल ने कॉलेज के प्रोफेसरों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया। प्राचार्य ने बताया कि कमेटी में चेयरमैन भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. भारत सिंह व रसायन विभान विभाग के विभागध्यक्ष सुभाष चौधरी, राजनीति शास्त्र विभाग के अध्यक्ष वीके गौड़ व एक अन्य सदस्य को शामिल किया गया है। कमेटी से 21 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके बाद किसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों ने महज जनसंपर्क के नाम पर परमीशन ली थी। लेकिन सदस्यता अभियान चलाने लगे। इसी बात पर विवाद हो गया। इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
-डॉ. ओपी बंसल, प्राचार्य, डीएस कालेज

Source | livehindustan

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