क्या संजीव बालियान के इस्तीफे से खिसकेगा भाजपा का जाट वोट बैंक? | asbtoday

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मुजफ्फरनगर। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कैबिनेट में एक बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। यह फेर-बदल कई मायनों में महत्वपूर्ण हो सकता है। जिसमें लगभग दर्जनों मंत्रियों व राज्यमंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किया जा रहा है। वहीं कुछ को प्रमोशन भी दिया जा रहा है। मोदी मंत्रिमंडल में ये दूसरा फेर-बदल है। देश में एक सप्ताह में हुए कई बड़े रेल हादसों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इसी को लेकर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा देना चाहा तो उसे मंजूर नहीं किया गया ताकि फेरबदल के चलते सरकार पर कोई दाग न लगे।


इसीलिए मंत्रिमंडल विस्तार में न केवल कई मंत्रियों व राज्यमंत्रियों को हटाया जा रहा है, बल्कि उनसे इस्तीफा भी मांगा जा रहा है। इस्तीफा देने वालों में जल संसाधन राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान भी शामिल हैं। पर यह फैसला मोदी सरकार पर भारी पड़ सकता है। क्योंकि पिछले साढ़े 3 सालों से जिस तरह संजीव बालियान क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश के जाटों को भाजपा के पाले में लाने का काम कर रहे थे। परन्तु उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के बाद जाट मतदाता अपने आप को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। क्योंकि मुजफ्फरनगर में हुए 2013 के लोकसभा चुनाव व 2017 के विधानसभा चुनाव में जो बीजेपी की जीत हुई थी उसमें बालियान की महत्वपूर्ण भूमिका थी।


इसके अलावा 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत हुई थी क्योंकि भाजपा को अधिकांश जाटों का भाजपा का पूर्ण समर्थन था। जिसमें बालियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसके अलावा इन्हें एक व्यावहारिक और संघर्षशील नेता के रूप में देखा जाता है। इस लिए भाजपा का यह निर्णय गलत साबित हो सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि संजीव बालियान को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन डॉ. संजीव बालियान के समर्थकों का मानना है कि अगर उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा का जनाधार गिर सकता है।
एक न्यूज वेबसाईट के अनुसार इस मामले पर संजीव बालियान ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। वैसे आगे का फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है। संगठन और उनके नेता उन्हें जो भी जिम्मेदारी देंगे, उसको वह बखूबी निभाने का प्रयास करेंगे। इसके आगे उन्होंने बताया की उन्होंने जनता के बीच रहकर काम किया है और हमेशा जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे। साथ ही पार्टी की मजबूती के लिए अपने क्षेत्र में रहकर लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव की तैयारी करने में जुटेंगे।

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Source | asbtoday

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