शिक्षामित्रों ने किया केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन | livehindustan

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संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के आह्वान पर तीसरे दिन शुक्रवार को भी अंबेडकर पार्क में शिक्षामित्रों ने धरना दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। अग्रसेन चौराहे पर पुलिस से झड़प के बीच पीएम और सीएम का प्रतीक पुतला दहन किया। इसके साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर 11 सितंबर से प्रस्तावित चार दिवसीय प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए संकल्पित हुए।

धरने को संबोधित करते हुए जिला संयोजक हरेंद्र सिंह, देवसी यादव ने कहा कि अब शिक्षामित्र आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। टीईटी में छूट,समान काम,समान वेतन, केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली में 11 सितंबर से 14 सितंबर तक आयोजित धरना-प्रदर्शन में हिस्सेदारी के लिए जिले भर के शिक्षामित्र एकजुट हो जाए। प्रदेश का एक-एक शिक्षामित्र दिल्ली की सड़कों को जाम कर देगा। अपनी मांगों को मनवा कर ही वापस लौटेगा।

कैलाश यादव, कृष्णमोहन उपाध्याय ने कहा कि संघर्ष ही हमारा इतिहास रहा है। आगे भी संघर्ष से ही इतिहास बदलेगा। 17 वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं । अब चुप नहीं बैठने वाले हैं। अपना हक लेकर ही रहेंगे।

धरने के दौरान दोपहर लगभग तीन बजे शिक्षामित्रों ने अंबेडकर पार्क से पुलिस को चकमा देकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकाली। नगर पालिका स्थित अग्रसेन पार्क के पास पहुंचते ही सिविल लाइंस पुलिस चौकी के साथ ही नगर कोतवाली प्रभारी भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस से तीखी झड़प के बीच आक्रोशित शिक्षामित्रों ने पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।

धरना और प्रदर्शन में प्रमुख रूप से ओमप्रकाश यादव, अनिल विश्वकर्मा, जयकुमार सिंह,रामप्रताप सिंह, सूर्यप्रताप प्रजापति, राकेश यादव, संतोष शर्मा, शशिकांत तिवारी, अरूण, रामलवट, संध्या राय, रीता, अनीता, उपेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, मनेंद्र सिंह, सुधाकर, योगेंद्र पाल, अशोक, विद्या,हीरा,दुखरन, सतीश सहित सैकड़ों शिक्षामित्र शामिल रहे।

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