आर्मी चीफ की चेतावनी, 'चीन के साथ टकराव के लिए रहें तैयार, पाक उठा सकता है फायदा'

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आर्मी चीफ की चेतावनी, 'चीन के साथ टकराव के लिए रहें तैयार, पाक उठा सकता है फायदा'

भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने आगाह किया कि भारत को चीन के साथ दो मोर्चों पर हमले के लिए तैयार रहना चाहिए.

भाषा Updated: September 7, 2017, 12:06 AM IST
भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने आगाह किया कि भारत को चीन के साथ दो मोर्चों पर हमले के लिए तैयार रहना चाहिए. जबकि पाकिस्तान के साथ सुलह की भी कोई गुजाइंश नजर नहीं आती है. रावत का ये बयान ब्रिक्स में भारत-चीन की डोकलाम पर हुई लंबी चर्चा के एक दिन बाद आया है.

डोकलाम में 73 दिनों तक चले टकराव का जिक्र करते हुए सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि उत्तरी सीमा पर यह स्थिति धीरे-धीरे एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकती है. उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि ये संघर्ष एक स्थान और समय तक सीमित रहें या ऐसा भी हो सकता है कि ये पूरे सीमा क्षेत्र में एक पूरे युद्ध का रूप ले लें. ऐसे में पाकिस्तान इस स्थिति का फायदा उठाने की फिराक में रहेगा.

उन्होंने कहा, ‘हमें तैयार रहना होगा. हमारे संदर्भ में, युद्ध जैसी स्थिति हकीकत के दायरे में है.’ जनरल रावत ने कहा कि बाहरी सुरक्षा खतरों का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए तीनों सेवाओं में सेना की सर्वोच्चता बनी रहनी चाहिए. सेना प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग डोकलाम टकराव को पीछे छोड़ते हुए भारत चीन संबंध पर आगे बढ़ने पर सहमत हुए.

जनरल रवत ने कहा कि भारत चीन के खिलाफ अपनी चौकसी कम करने का जोखिम नहीं ले सकता. उन्होंने कहा, ‘जहां तक उत्तर की बात है तो आंख दिखाना शुरू हो गया है. हमें उन स्थितियों के लिए तैयार रहना होगा जो धीरे-धीरे संघर्ष में तब्दील हो सकती हैं.’ वह सेंटर फोर लैंड वारफेयर स्टडीज द्वारा आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे.सेना प्रमुख ने डोकालम टकराव के दौरान भारत के विरुद्ध मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से मनोवैज्ञानिक युद्धोन्माद में चीन के उतर जाने के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि भरोसेमंद प्रतिरोधक से युद्ध रुक सकता है और उन्होंने सशस्त्रबलों के लिए उपयुक्त बजटीय आवंटन पर बल दिया.

पाकिस्तान के बारे में उन्होंने कहा, ‘जहां तक पश्चिमी दुश्मन की बात है तो हमें सुलह की कोई गुजाइंश नजर नहीं आती क्योंकि उसकी सेना, राजसत्ता और उस देश के लोगों के मन में यह बात बिठा दी गयी है कि भारत दुश्मन है और वह उनके देश को टुकड़ों में तोड़ने के लिए बेताब है.’ जनरल रावत ने इस बात पर अचरज प्रकट किया कि देश कब तक पाकिस्तान के छद्म युद्ध को बर्दाश्त करता रहेगा और कब वह इस निष्कर्ष पर पहुंचेगा कि पाकिस्तान हद पार कर गया है. लेकिन संभावित संघर्ष के दायरे का अनुमान लगाना कठिन है. इस मुद्दे पर राजनीतिक नेतृत्व को निर्णय लेना है.

First published: September 7, 2017

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