केजरीवाल की सफाई- जेठमलानी को जेटली के खिलाफ अपशब्द बोलने के नहीं दिए निर्देश

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केजरीवाल की सफाई- जेठमलानी को जेटली के खिलाफ अपशब्द बोलने के नहीं दिए निर्देश

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो

भाषा Updated: September 4, 2017, 11:46 PM IST
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में उन आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने अपने पूर्व वकील राम जेठमलानी को केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ अपमानजनक शब्द बोलने के ‘विशेष और सुनिश्चित’ निर्देश दिए थे.

केजरीवाल जेटली के उन दावों का खंडन कर रहे थे कि उन्हें जेठमलानी की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने पूछताछ में जो कुछ भी पूछा है, वह मुख्यमंत्री की ओर से मिले निर्देशों पर आधरित था.

बता दें दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर 10 करोड़ रुपये के एक नये मानहानि मुकदमे में मुख्यमंत्री के जवाब में देरी को लेकर एक बार फिर आज उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया. जेटली ने मुख्यमंत्री के पूर्व वकील द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के लिये केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का नया मुकदमा दायर किया था.

ज्वाइंट रजिस्ट्रार पंकज गुप्ता ने केजरीवाल को ‘युद्ध में हताहत सैनिकों के लिये बने सैन्य कल्याण कोष’ में 5,000 रुपये के जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया. ज्वाइंट रजिस्ट्रार केजरीवाल पर पहले भी 10,000 रुपये का जुर्माना लगा चुके हैं.अपने ऊपर दर्ज मानहानि के दूसरे मामला का विरोध करने वाले केजरीवाल ने ज्वाइंट रजिस्ट्रार को बताया कि 20 जुलाई को उन्होंने जेठमलानी को एक पत्र लिखा था जिसमें यह ‘स्पष्ट’ कहा गया था कि उन्होंने उन्हें जेटली के खिलाफ अपमान जनक शब्द इस्तेमाल कराने के ‘‘निर्देश’’ नहीं दिए थे.

हालांकि इसके दो ही दिन बाद जेठमलानी ने केजरीवाल को पत्र लिखा था कि उन्होंने उनके ही निर्देश पर अपमान जनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. जेटली के वकील माणिक डोगरा ने अदालत को यह सूचित किया था कि अदालत ने 26 जुलाई को जवाब दाखिल करने के लिये समय निर्धारित किया था और मुकदमे के लिये मुख्यमंत्री का लिखित बयान अदालत द्वारा निर्धारित समय अवधि के दो सप्ताह बाद दायर किया गया है. इसके बाद अदालत ने उन पर यह जुर्माना लगाया.

वकील ने दलील दी कि यह मुख्यमंत्री की तरफ से देरी करने के हथकंडे हैं. केजरीवाल की ओर से पेश हुए वकील ऋषिकेश कुमार ने अदालत से इस आधार पर मुख्यमंत्री के लिये माफी का अनुरोध किया कि हाई कोर्ट रजिस्ट्री ने दो बार कुछ निश्चित तकनीकी आपत्तियां उठायी थीं जिसकी वजह से लिखित बयान दायर करने में विलंब हुआ.

इस दलील पर गौर करते हुए रजिस्ट्रार ने मुख्यमंत्री की ओर से हुई देरी पर माफी दे दी और कहा कि लेकिन उन्हें ‘5,000 रुपये का जुर्माना’ भरना होगा. मामले की अगली सुनवायी 12 अक्टूबर को होगी.

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First published: September 4, 2017

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