SC का स्टे, अब गणेश विसर्जन में ‘बजेगा बाजा’

Browse By

supreme court stayed bombay high court order on noise pollution

ध्वनि प्रदूषण: बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। इस फैसले का असर यह होगा कि मंगलवार को देश की आर्थिक राजधानी में गणपति विसर्जन पिछले सालों की तरह ही होगा और लाउडस्पीकर बजाए जा सकेंगे। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा 2000 में बने नियमों और नियमों में किए गए संशोधन पर पानी फेरते हुए कहा था कि इन संशोधनों से जनहित पूरा नहीं होता है। ध्वनि प्रदूषण से लोगों को अनेक बीमारियां और रोग हो जाते हैं। यदि केंद्र सरकार के इन संशोधनों को स्वीकार कर लिया जाता तो मुंबई में कोई भी शांत क्षेत्र (साइलंस जोन) नहीं रह जाता।

हाई कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। तीन न्यायाधीशों वाली पूर्णपीठ ने कहा कि सरकार ने कानून में जो बदलाव किया है, उससे जुड़े नियम व उद्देश्य में कोई संबंध नजर नहीं आता है। गौरतलब है कि अदालत के इस आदेश के बाद शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और अदालत के सौ मीटर के दायरे में आनेवाले क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित किया जाता।

महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि जब तक वह किसी इलाके को शांत क्षेत्र नहीं घोषित करेगी, तब तक उसे शांत क्षेत्र नहीं माना जाएगा यानी किसी क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित करना सरकार का काम है कोर्ट का नहीं।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र (खासकर मुंबई) में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और उस पर रोक लगाने में असमर्थ रहने पर महाराष्ट्र सरकार को कई बार जमकर फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति ए.एस. ओक और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे की पीठ ने 24 जून को महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी और पूर्व के आदेशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी थी।

कोर्ट ने कहा था कि त्योहारी मौसम के दौरान शांत क्षेत्रों में लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, जो कानफोडू प्रदूषण पैदा करता है। कोर्ट ने सरकार से पिछले साल अगस्त में कहा था कि वह शांत क्षेत्रों में लाउडस्पीकर का उपयोग न करने को सुनिश्चित करे।

navbharattimes

%d bloggers like this: