शौचालय के टारगेट से आ रहे है हार्ट अटैक?

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रांची नगर निगमइमेज कॉपीरइट RAVI PRAKASH

झारखंड की राजधानी रांची में भी लोग खुले में शौच करते हैं. अब सरकार ने महात्मा गांधी की जयंती पर रांची नगर निगम क्षेत्र को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) करने की घोषणा की है. इसके लिए युद्ध स्तर पर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है. इस काम में एमबीए पास सिटी मैनेजर लगाए गए हैं.

सरकार ने इनकी नियुक्ति अधिकारियों के सहयोग के लिए कांट्रैक्ट पर की थी. कुल आठ में से दो सिटी मैनेजर्स ने इस्तीफा दे दिया है.

रांची नगर निगम से इस्तीफा दे चुके सिटी मैनेजर मुकेश (अनुरोध पर नाम बदल दिया गया है) ने बीबीसी से कहा, ”हमने मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. शौचालयों को लेकर हमारी कोई विशेषज्ञता नहीं. इसके बावजूद हमें इसके निर्माण में लगा दिया गया.”

मुकेश आगे कहते हैं, “रांची नगर निगम में 55 वार्ड हैं. इनमें से सिर्फ छह वार्ड ही ओडीएफ हुए हैं. ऐसे में अगर हम रोज 100-100 शौचालय बनवाएं, तब जाकर हमारा टारगेट पूरा होगा.”

वो कहते हैं, “यह मुश्किल टारगेट है. अब अधिकारियों ने हमारा वेतन रोक लिया है. उनका कहना है कि जब तक टारगेट पूरा नहीं होता, वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा. इस कारण मजबूरी में इस्तीफा देना पड़ा.”

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पूरे झारखंड में परेशानी

मुकेश ने बताया कि रांची नगर निगम में कुल 34 हजार शौचालय बनने थे. अभी भी 13 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण होना है. यह परेशानी सिर्फ रांची नगर निगम की नहीं है.

वे कहते हैं, “झारखंड के दूसरे नगर निगम और नगर निकायों का भी यही हाल है. कहीं-कहीं पर तो टारगेट और भी ज्यादा है. इस कारण कई सिटी मैनेजर बीमार हो रहे हैं. हमारे एक साथी को तनाव के कारण हार्ट अटैक भी हुआ. वे अपना इलाज करा रहे हैं.”

तीन साल के लिए नियुक्ति

उल्लेखनीय है कि साल 2015 में झारखंड सरकार ने राज्य में पहली बार कुल 100 सिटी मैनेजर्स की नियुक्ति की थी. इन्हें पूरे राज्य के नगर निगमों और नगर निकायों में पदस्थापित किया गया ताकि वे एग्जीक्यूटिव आफिसर्स के काम में सहायता कर सकें.

इन्हें तीन साल के लिए कांट्रैक्ट पर रखा गया था. इनमें से अधिकतर लोग एमबीए हैं.

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धानरोपनी से भी दिक्कत

सरायकेला से आए एक सिटी मैनेजर ने बताया कि धान रोपनी शुरू हो जाने के कारण मजदूर भी नहीं मिल रहे और ना ही उन लोगों से मुलाकात हो पाती हैं जिनके घर शौचालय बनना है.

सिटी मैनेजर आगे बताते हैं कि इन सभी के बावजूद किसान शौचालय बनवाने के लिए राजी नहीं होते. इस कारण हमारी सैलरी नहीं मिल रही.

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15 सितंबर की तलवार

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रांची की मेयर आशा लकड़ा ने बीबीसी से बताया, “हमने 15 सितंबर तक रांची नगर निगम क्षेत्र को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए मुस्तैदी से काम कर रहे हैं.”

वो कहती हैं, “पहले यह काम हम कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर से कराते थे. लेकिन नगर विकास विभाग ने यह काम सिटी मैनेजर को सौंप दिया. इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है.”

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Source | BBC

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