उद्दोग लगाना ही नहीं चलाना भी सिखाएगा AKTU | PATRIKA – Insta India

उद्दोग लगाना ही नहीं चलाना भी सिखाएगा AKTU | PATRIKA

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लखनऊ. छात्रों को रोजगार परख शिक्षा देने के लिए डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी(एकेटीयू) कई नए इनीशिएटिव शुरू कर रहा है। एकेटीयू प्रशासन अगले सत्र से अपने कोर्सों में उद्दोगों की अत्याधुनिक तकनीकी भी शामिल करेगा। इससे न सिर्फ स्टूडेंट्स उद्दोग लाना सीखेंगे बल्कि उद्दोग चलाने की तकनीक के बारे में भी उन्हें जानकारी दी जाएगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों को इसके लिए ट्रेंड करने जा रहा है। कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक ने कॉलेजों के निदेशक व प्राचार्यों को भेजी सूचना में कहा है कि 18-20 जनवरी को कानपुर के एलेन हाउस और 5-7 फरवरी को आगरा के आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज में माइक्रो कंट्रोल डिजाइन वर्कशॉप का आयोजन होगा। इसके लिए संबंधित संस्थानों को शिक्षकों के नाम भेजने को कहा गया है।

एनपीटीएल के कोर्सेज से जुड़ेंगे छात्र

कुलपति ने कहा है कि तकनीकी के बेहतर प्रयोग के लिए इंटीग्रेटेड स्मार्ट सॉन्यूशंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स आज जरूरी है। इसी क्रम में यह कार्यशाल शिक्षकों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगीष। इसके माध्यम से यूनिवर्सिटी हर दृष्टि से पारंगत इंजीनियर तैयार कर सकेगा।AKTU के छात्र-छात्राओं को एनपीटीएल (NPTEL) के कोर्सेज से जोड़ने के लिए निर्णय लिया गया है। एकेटीयू की बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान सत्र में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर यूनिवर्सिटी के सम्बद्ध 37 संस्थानों के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को मूक्स के माध्यम से एक कोर्स करना अनिवार्य है। यूनिवर्सिटी के यह 37 संस्थान ऐसे हैं जो कि एनपीटीएल के लोकल चैप्टर में पंजीकृत हुए हैं।

ऑनलाइन टीचिंग को मिलेगा बढ़ावा

दरअसल मूक्स एकेटीयू के लिए कोर्स तैयार कर रहा है, जिसमें विवि के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को पंजीकृत हो एक ऑनलाइन कोर्स करना होगा। बैठक में यह भी कहा गया कि सत्र जुलाई, 2018 से सभी संस्थानों के छात्र-छात्राओं के लिए मूक्स के माध्यम से एक ऑनलाइन कोर्स करना अनिवार्य हो जाएगा।

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से कोर्स करना तथा परीक्षा देना एक अलग अनुभव होगा। साथ ही साथ देश के विभिन्न उत्कृष्ट सस्थानों के आचार्यों के द्वारा तैयार की गयी अध्ययन सामग्री एवं व्याख्यानों से सीखना लाभकारी सिद्ध होगा। एकेटीयू के प्रवक्ता के मुताबिक टीचिंग–लर्निंग के क्षेत्र में इन्टरनेट ने पैराडाइम शिफ्ट किया है। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ने के लिए प्रेरित करना वर्तमान दौर की आवश्यकता बनती जा रही है।

Source | PATRIKA