भारत आकर अपने 'दोस्त' को ये स्पेशल गिफ्ट देंगे इज़राइल के PM – Insta India

भारत आकर अपने 'दोस्त' को ये स्पेशल गिफ्ट देंगे इज़राइल के PM

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भारत आकर अपने 'दोस्त' को ये स्पेशल गिफ्ट देंगे इज़राइल के PM

पिछले साल जुलाई में अपनी इज़रायल यात्रा के दौरान मोदी ने नेतन्याहू के साथ इस जीप में बैठकर भूमध्यसागर के तट की सैर की थी.

News18Hindi Updated: January 14, 2018, 11:32 AM IST
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 6 दिनों के भारत दौरे पर आ रहे हैं. नेतन्याहू 14 जनवरी को दिल्ली पहुंचेंगे. खुद पीएम मोदी अपने इज़राइली समकक्ष का स्वागत करेंगे. नेतन्याहू अपने दोस्त पीएम मोदी के लिए एक खास तोहफा भी लेकर आ रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू पीएम मोदी को एक जीप गिफ्ट करेंगे. इस जीप की खासियत ये है कि यह समुद्र के खारे पानी को फिल्टर कर उसे पीने लायक शुद्ध बना सकता है. इस जीप को गल मोबाइल जीप कहा जाता है. बताया जा रहा है कि इस जीप की कीमत करीब 3.9 लाख शेकेल यानी करीब 70 लाख रुपये है.

पिछले साल जुलाई में अपनी इज़रायल यात्रा के दौरान मोदी ने नेतन्याहू के साथ इस जीप में बैठकर भूमध्य सागर के तट की सैर की थी. उन्होंने इस जीप से खारे पानी को पीने लायक बनाने का नमूना भी देखा था.

सूत्रों के मुताबिक, यह जीप वास्तव में भारत के लिए रवाना भी हो चुकी है. इज़रायली प्रधानमंत्री द्वारा मोदी को तोहफे में दिए जाने के लिए यह समय पर पहुंच जाएगी.क्या है बेंजामिन नेतन्याहू का पूरा शेड्यूल?
-इज़राइल के पीएम 14 जनवरी की दोपहर 1:30 बजे तक नई दिल्ली पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी खुद नेतन्याहू की आगवानी करेंगे.
-दोपहर 1.50 बजे दोनों नेता तीन मूर्ति चौक पर जाएंगे. जहां उन्हें एक समारोह में शिरकत करनी है. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और नेतन्याहू तीन मूर्ति मेमोरियल के विज़िटर्स बुक में साइन भी करेंगे. बता दें कि तीन मूर्ति मेमोरियल की तीनों मूर्तियां तांबे की बनी हैं और हैदराबाद, जोधपुर और मैसूर लेंसर्स को रि-प्रेजेंट करती हैं.
-शाम को इज़राइल के पीएम और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मुलाकात भी हो सकती है.
-इसके बाद 15 जनवरी को हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और इजरायली पीएम के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी.
-16 जनवरी को नेतान्याहू ताजमहल देखने आगरा जाएंगे.
-17 जनवरी को वह पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद आएंगे. यहां दोनों नेता रोड शो कर सकते हैं.
-18 जनवरी को इज़राइली पीएम नई दिल्ली से अपने देश लौट जाएंगे.

हाइफा चौक हो जाएगा तीन मूर्ति चौक का नाम
तीन मूर्ति चौक पर कार्यक्रम के दौरान आज इस चौक का नाम भी बदला जाएगा. एनडीएमसी आज दोनों नेताओं की मौजूदगी में तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर ‘तीन मूर्ति हाइफा चौक’ करेगी.

ये है हाइफा चौक की कहानी
बता दें कि तीन मूर्ति मेमोरियल की तीनों मूर्तियां तांबे की बनी हैं और हैदराबाद, जोधपुर और मैसूर लेंसर्स को रि-प्रेजेंट करती हैं. ये तीनों 15 इम्पिरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड का हिस्सा रह चुके हैं. हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गई. इस लड़ाई में राजपूताने की सेना का नेतृत्व जोधपुर रियासत के सेनापति दलपत सिंह ने किया था. इस लड़ाई में जोधपुर की सेना के करीब 900 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए. आखिर में राठौड़ों को विजय मिली और उन्होंने हाइफा पर कब्जा कर लिया.

राठौड़ों की इस बहादुरी के प्रभावित होकर भारत में ब्रिटिश सेना के कमांडर-इन-चीफ ने फ्लैग-स्टाफ हाउस के नाम से अपने लिए एक रिहायसी भवन का निर्माण करवाया. भवन एक चौराहे से लगा हुआ है, इस चौराहे के बीच में गोल चक्कर के बीचों बीच एक स्तंभ के किनारे तीन दिशाओं में मुंह किए हुए तीन सैनिकों की मूर्तियां लगी हुई हैं. जो रणबांका राठौड़ों की बहादुरी को यादगार बनाने के लिए बनाई गई. इसकी का नाम हाइफा चौक रखा जाएगा.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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Source | hindinews18