मकर संक्रांति में घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, थोड़ी देर में पतंगबाजी का भी दौर – Insta India

मकर संक्रांति में घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, थोड़ी देर में पतंगबाजी का भी दौर

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मकर संक्रांति में घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, थोड़ी देर में पतंगबाजी का भी दौरमकर संक्रांति में घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, थोड़ी देर में पतंगबाजी का भी दौर
मकर संक्रांति के अवसर पर आज सुबह से गंगा घाटों पर आस्‍था का सैलाब उमड़ पड़ा है। लोग स्‍नान-ध्‍यान व दान कर रहे हैं। इसके बाद दोपहर में पतंगबाजी का भी दौर चलेगा।

पटना [जेएनएन]। मकर संक्रांति के अवसर पर रविवार को सुबह से पटना, भागलपुर व मुंगेर आदि के पावन गंगा घाटों पर स्नान करने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर लोग सूर्यदेव की आराधना कर रहे हैं। इसके थोड़ी देर बाद पटना के गांधी मैदान सहित पूरे बिहार में जगह-जगह पतंगबाजी का भी दौर आरंभ होगा।

बिहार में अन्‍य नदी घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती दिख रही है। इस दिन स्‍नान-ध्‍यान व दान का विशेष महत्‍व है। लोग पाप मुक्‍त हो जाते हैं। इसके लिए सुबह से ही लाेग आस्‍था की डुबकी लगा रहे हैं। 

मकर संक्रांति के अवसर पर आज सुबह से पटना सिटी और फतुहा के विभन्न गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु स्‍नान-ध्‍यान व दान में जुटे हैं। इसे सुख और समृद्धि का दिन माना जाता है। आज के दिन तिल के दान का बड़ा महत्व है। मान्यताओं के अनुसार आज के दिन तिल से बनी सामग्री ग्रहण करने से कष्टदायक ग्रहों से छुटकारा मिलता है।गंगा स्नान और दान-पुण्य से परिवार में सुख और शन्ति बनी रहती है।

संक्रांति के आखिरी दिन सूर्य भगवान दक्षिणायण से उत्तरायण हो जाते हैं। इससे दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इसी दिन मलेमास भी समाप्त होता है और शुभ कार्य आरंभ हो जाते हैं।
इस साल मकर संक्रांति 14-15 जनवरी को पड़ा है। मकर संक्रांति की पुण्य बेला रविवार रात आठ बजे से शुरू हो रही है। हालांकि, आज रविवार भी है। इसलिए आज सुबह से ही लोग संक्रांति का स्‍नान कर रहे हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी की भी परंपरा रही है। पटना में प्रशासनिक स्‍तर पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी का आयोजन किया जाता है। इस बार यह आयोजन पटना गांधी मैदान में है। इसकी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इसके लिए लोगों कर पहुंचना आरंभ है।

By Amit Alok 

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