आलू कांड: विधानसभा के सामने फेंके गए थे 8 गाड़ी आलू, जानिए कैसे हुआ खुलासा | livehindustan – Insta India

आलू कांड: विधानसभा के सामने फेंके गए थे 8 गाड़ी आलू, जानिए कैसे हुआ खुलासा | livehindustan

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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि 5 जनवरी की रात 1090 चौराहे से विधानभवन के बीच सड़क पर आलू फेंके गए थे। हाई सिक्योरिटी जोन में रातों रात हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस को सर्विलांस की मदद से अहम सुराग हाथ लगे। जिससे साफ हो गया कि वारदात में किसान संगठन का नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के युवा नेताओं का हाथ है।

इनके नाम हुए उजागर-

एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस ने कन्नौज के तिर्वा निवासी अंकित सिंह चौहान व ठठिया के रहने वाले संतोष पाल को गिरफ्तार किया। संतोष पाल डाला चालक है। पुलिस ने हाफ डाला बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने साजिश में शामिल साथियों के नाम कबूले। एएसपी ने बताया कि घटना में शिवेंद्र सिंह उर्फ कुक्कू, सन्दीप उर्फ रिक्की यादव, दीपेंद्र सिंह चौहान, संजू कटियार, प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली और जय कुमार तिवारी उर्फ बड़े बउवन भी शामिल थे। अब पुलिस इन लोगों की तलाश कर रही है।

मुख्य किरदार-

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इस घटना के मुख्य किरदार संजू कटियार और शिवेन्द्र सिंह चौहान हैं। शिवेन्द्र चौहान सपा के टिकट पर तिर्वा से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुका है। वहीं संजू कटियार की पत्नी शिल्पी कटियार मौजूदा समय में जिला पंचायत अध्यक्ष है। इन लोगों के कहने पर संदीप उर्फ रिक्की यादव ने आलू लादने के लिए 8 गाड़ियों की व्यवस्था की थी। वहीं, शिवेन्द्र के भाई दीपेन्द्र व जय कुमार तिवारी और खामा के ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली ने गाड़ियों में आलू लदवाए थे।

कोल्ड स्टोरेज से खरीदा था आलू-

सीओ अभय कुमार मिश्र के मुताबिक आरोपी अंकित ने पूछताछ में बताया कि उन लोगों ने कन्नौज के पुरानी ठठिया स्थित ठठिया रैफ्रिजरेशन कोल्ड स्टोरेज से आलू खरीदे थे। सीओ ने बताया कि यह कोल्ड स्टोरेज सतीश जाटव व अनुराग दोहरे का है। पुलिस कोल्ड स्टोरेज के मालिक सतीश जाटव की भूमिका की भी जांच कर रही है।

माल एवेन्यू के दफ्तर में खड़ी की गाड़ी-

डाला चालक संतोष पाल के मुताबिक 5 जनवरी की रात कन्नौज से आठ डाले आलू लादकर वे लोग लखनऊ के लिए चले थे। इस दौरान शिवेन्द्र व संजू कटियार अपनी लग्जरी गाड़ियों में आगे-आगे चल रहे थे। वह लोग आगरा एक्सप्रेस-वे से होते हुए लखनऊ पहुंचे थे। शहर में दाखिल होने के बाद सारी गाड़ियां माल एवेन्यू स्थित एक ऑफिस के बाहर खड़ी की गई थी।

सीसीटीवी कैमरे में आए नजर-

विधानभवन व 1090 चौराहे के पास लगे सीसी कैमरों में हाफ डाले से आलू फेंकते हुए लोग नजर आए थे। इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही ने बताया कि फुटेज में एक हाफ डाले का नंबर साफ दिख गया।

आक्रोश का फायदा उठाना था-

अंकित सिंह चौहान ने बताया कि वह प्रॉपर्टी का काम करता है। साथ ही शिवेन्द्र सिंह चौहान का करीबी है। उसके मुताबिक आलू किसान फसल का सही दाम नहीं मिलने से नाराज थे। इसी बात का फायदा उठाने के लिए साजिश रची गई।

इन्हें मिली शाबाशी-

एसएसपी दीपक कुमार ने सर्विलांस सेल इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह, एसआई गंज राजकुमार सिंह, एसआई हुसैनगंज राहुल राठौर, सिपाही साइबर क्राइम सेल फिरोज बदर, अखिलेश कुमार सिंह, शरीफ खान व राजीव कुमार की पीठ थपथपाई।

दस हजार नंबरों की पड़ताल-

घटना के दिन हजरतगंज इलाके में इस्तेमाल हुए दस हजार मोबाइल नम्बरों को खंगाला गया। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सभी साजिशकर्ता फोन से एक दूसरे के सम्पर्क में थे।

हम तो बेकार में मारे गए-

डाला चालक संतोष ने बताया कि कन्नौज से लखनऊ आलू पहुंचाने के लिए उसकी गाड़ी भाड़े पर ली गई थी। जिसके बदले 4 हजार रुपए मिलने थे। उसने यह भी कहा कि पेशगी के रूप में 1.5 हजार रुपए दिए गए। पर, बचे हुए रुपए उसे नहीं मिले। जब वह रुपए मांगने गया तो उसे भगा दिया गया। उसने यह भी बताया कि अंकित व उसके साथियों ने चाकू व ब्लेड भी उपलब्ध कराए थे। माल एवेन्यू स्थित दफ्तर पर पहुंचने के बाद ही उसे साथ आए लोगों के इरादों की भनक हुई। पर, वह विरोध करने की स्थिति में नहीं था।

Source | livehindustan