दादा जी कहते थे… खिचड़ी के चार यार, दही, चोखा, पापड़, घी और अचार – Insta India

दादा जी कहते थे… खिचड़ी के चार यार, दही, चोखा, पापड़, घी और अचार

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दादा जी कहते थे... खिचड़ी के चार यार, दही, चोखा, पापड़, घी और अचार

फाइल फोटो

News18Hindi Updated: November 2, 2017, 3:57 PM IST
वैसे तो यूपी में खिचड़ी हर घर में बनती है और उसे पसंद करने वालों की तादाद भी ज्यादा है. क्योंकि खिचड़ी खाने में जितनी लजीज होती है, उतनी ही ज्यादा सुपाच्य भी है. यही वजह है कि मरीजों के लिए डॉक्टर भी मूंग की खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं.

लेकिन खिचड़ी खाने की भी एक विधि है. खिचड़ी को लेकर एक बात कही जाती है- “खिचड़ी के चार यार, दही, चोखा, पापड़, घी और अचार,” मतलब अगर खिचड़ी बनी है तो उसके साथ चार चीजें बहुत जरुरी हैं. यानी खिचड़ी के साथ थाली में दही, चोखा (भर्ता) पापड़, घी और आचार का होना बहुत जरुरी है. यहां चोखा बैगन का या बैगन और आलू का भी हो सकता है. या फिर सिर्फ आलू का भी हो सकता है.

इस लिहाज से अगर कोई यह कहता है कि खिचड़ी बनाना आसान है तो ऐसा नहीं है. इसके साथ इन चार चीजों का भी होना उतना ही आवश्यक है.

कई तरीके की बनती है खिचड़ीवैसे खिचड़ी नाम से ही पता चलता है कि यह कई चीजों को मिलकर बनती है. लेकिन इसके भी बनाने के तरीके कई हैं. खिचड़ी बनाने के लिए जो मुख्य चीजें चाहियें वह है चावल और दाल. लेकिन खिचड़ी सब्जियों को डालकर भी बनाई जाती है. ठण्ड के मौसम में जब खिचड़ी बनती है तो उसमें आलू, गोभी, मटर और गाजर को डालकर भी खिचड़ी बनायी जाती है. जिसे मसाला खिचड़ी कहते हैं.

वैसे आमतौर पर जो घरों में खिचड़ी बनती है वह प्लेन ही होती है. उसे चावल और दाल के साथ पकाया जाता है. ज्यादातर लोग अरहर या मूंग के दाल की खिचड़ी पसंद करते हैं.

First published: November 2, 2017

Source | hindi.news18