‘आतंक की सप्लाई रोके नाकाम मुल्क पाक, खुद बर्बादी से बचे’ – Insta India

‘आतंक की सप्लाई रोके नाकाम मुल्क पाक, खुद बर्बादी से बचे’

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pakistan needs comprehensive policy on terror to avoid catastrophe

सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली
आतंकवाद की पनाहगाह के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुके पाकिस्तान को एक बार फिर आइना दिखाया गया है। फ्रेजाइल स्टेट्स इंडेक्स 2017 की रिपोर्ट में पाकिस्तान को 20 असफल देशों की फेहरिस्त में रखा गया है और उसे कई कड़ी नसीहतें दी गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को पड़ोसी देशों में आतंकी भेजकर वहां अस्थिरता फैलाने की जगह खुद को बर्बादी से बचाने पर ध्यान देना चाहिए और अपनी सुरक्षा की ज्यादा चिंता करनी चाहिए।

आतंकी संगठनों की लाइन लगाई
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को पड़ोसी देशों, जैसे भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ धीमा युद्ध छेड़ने या आतंकवाद फैलाने की जगह विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को लागू करने का प्रयास करना चाहिए। पाकिस्तान ने इस मकसद से लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), हरकत-उल-मुजाहिदीन (एचयूएम), सिपह-ए-साहब पाकिस्तान (एसएसपी), अहले सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे), लश्कर-ए-झांगवी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे आतंकी संगठन खड़े किए।

अमेरिका ने दी थी चेतावनी
इससे पहले पाकिस्तान को सबसे ज्यादा आर्थिक मदद देने वाले अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद को पालने-पोसने वाली नीतियां बदलने की चेतावनी दी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। अमेरिका ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि या तो वह आतंकवाद के खिलाफ एक्शन ले, नहीं तो अमेरिका को यह काम करना होगा। उम्मीद है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के लिए चीन 50 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। संभावना है कि चीन, पाकिस्तान के कई हिस्सों को स्वयं में मिला लेगा, क्योंकि पाकिस्तान इतने बड़े कर्ज को चुकाने में कभी सक्षम नहीं होगा।

पाक पर 73 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज
पाकिस्तान की जीडीपी दर तीन फीसदी है। उसे 73 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज चुकाना है। निर्यात घट रहा है, जबकि आयात बढ़ रहा है। देश की शिक्षा प्रणाली डगमगा गई है। विश्वभर के आतंकवादी ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं और बम बनाकर तबाही फैला रहे हैं। पाकिस्तान तबाही की ओर बढ़ रहा है। यदि आतंकी देश पर पकड़ बना लेते हैं तो यह सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि विश्व के लिए भी खतरनाक होगा।

पड़ोसी देश के सामने बेशुमार खतरे
पाकिस्तान को सबसे बड़ा खतरा उसके आंतरिक बलों, विरोधाभासी मानसिकता, सैन्य प्रभुत्व, भ्रष्टाचार और अनुपयुक्त नेताओं, विभिन्न राष्ट्रीयता, बढ़ रही आबादी, घटते जल संसाधन और बिगड़ रही आर्थिक स्थिति से है। ये ताकतें पाकिस्तान के पतन का कारण बन सकती हैं। पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देशों अफगानिस्तान और ईरान से पहले अच्छे संबंध थे। 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को अफगानिस्तान और ईरान की सीमा पर सेना की तैनाती की जरूरत नहीं थी, क्योंकि तब उन्हें उससे कोई खतरा नहीं था, लेकिन अब स्थिति में बेहद बदलाव आया है।

Source | navbharattimes